
हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून ने भारी तबाही मचाई है। राज्य में 30 जून से 28 सितंबर तक चले 91 दिनों के मानसून सीजन के दौरान ₹3,220 करोड़ से अधिक का नुकसान दर्ज किया गया है। इस दौरान 373 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
लगातार बारिश, भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क हादसों के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा।
मानसून से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम ने हिमाचल प्रदेश का दौरा शुरू किया है। टीम राज्य के प्रभावित क्षेत्रों में जाकर नुकसान का जायजा लेगी और स्थिति का आकलन करेगी।
वहीं, सितंबर के आखिरी दिनों में भी प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने करवट ली है। किन्नौर, लाहौल-स्पीति और कुल्लू के ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है, जबकि कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार 29 सितंबर तक कुछ क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना बनी हुई थी। 30 सितंबर से मौसम मुख्यतः साफ रहने का पूर्वानुमान है।
मानसून सीजन के बाद अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित इलाकों में हुए नुकसान का आकलन, राहत कार्य और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को बहाल करना है।
हिमाचल में मौसम और मानसून से जुड़े ताजा अपडेट के लिए जुड़े रहिए।