
वाशिंगटन स्थित यूरेशिया सेंटर के पूर्व उपाध्यक्ष अर्ल रासमुसेन ने दावा किया है कि अमरीका ईरान में हार से बचने का रास्ता खोजने की कोशिश कर रहा है। श्री रासमुसेन ने संवाद समिति रिया नोवोस्ती को बताया कि अमरीका हार से बचने के लिए किसी भी तरह का रास्ता तलाश रहा है, लेकिन संभवत: उसे इसे स्वीकार करना ही होगा, अन्यथा भविष्य अज्ञात है। विशेषज्ञ ने उन अपेक्षाओं को अवास्तविक बताया कि तेहरान इस संघर्ष में आत्मसमर्पण कर देगा। श्री रासमुसेन ने यह चेतावनी भी दी कि तनाव और बढऩे से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।
श्री रासमुसेन ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जानते हैं कि तनाव में और वृद्धि संभवत: दुनिया को वैश्विक मंदी या महामंदी की ओर धकेल देगी। उनके अनुसार ट्रंप ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान के लिए कांग्रेस से समय विस्तार की मांग कर सकते हैं, क्योंकि वह अनधिकृत युद्धों के लिए निर्धारित 60 दिनों की कानूनी सीमा के करीब पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री ट्रंप एक ऐसी स्थिति में हैं, जहां जीतना कठिन है, फिर भी वह निकलने का रास्ता खोजने का प्रयास कर रहे हैं। वह संभवत: अतिरिक्त समय विस्तार की मांग करेंगे। एक मई को श्री ट्रंप द्वारा कांग्रेस को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान की सूचना दिए जाने के 60 दिन पूरे हो जाएंगे।
युद्ध शक्तियों के संकल्प के तहत राष्ट्रपति को 60 दिनों के बाद अभियान जारी रखने या सेना वापस बुलाने के लिए कांग्रेस की मंजूरी प्राप्त करने की आवश्यकता होती है, जिसके लिए वे अतिरिक्त 30 दिनों के लिए लिखित रूप में प्रमाणित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि ट्रंप सेना वापस बुलाते हैं, तो यह राजनीतिक रूप से अच्छा नहीं लगेगा। वह अपनी धमकियों पर अडिग रहकर आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन इसकी सबसे संभावित परिणति और भी खराब होगी। विशेषज्ञ ने श्री ट्रंप से यह स्वीकार करने का आह्वान किया कि ईरान पर हमला करना एक अत्यंत गलत निर्णय था और उन्हें इस संघर्ष को रोक देना चाहिए। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि इजरायल और अमेरिका के राजनीतिक अभिजात वर्ग का कुछ हिस्सा और अधिक तनाव बढ़ाने के लिए दबाव डाल सकता है।