
डेराबस्सी के रामलीला ग्राउंड के निकट गुरुवार देर रात कथित तौर पर 25 से 30 हथियारबंद युवकों द्वारा एक दुकान पर कब्जा करने की कोशिश किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि हमलावर तलवारों, डंडों और अन्य हथियारों से लैस होकर पहुंचे तथा बिजली से चलने वाले कटर की मदद से दुकान के ताले काट दिए। पीडि़त ईश्वर दास शर्मा ने बताया कि हमलावरों ने ट्रैक्टर की सहायता से दुकान के अंदर खड़े वाहनों को बाहर खींचा,
जिससे एक कार लोहे की ग्रिल से टकरा गई और वाहनों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ। उनका आरोप है कि कुछ हमलावर घर के बाहर खड़े रहे, जिसके कारण परिवार के सदस्य बाहर नहीं निकल सके। शिकायत के अनुसार दुकान की पहली मंजिल पर सो रहे मजदूरों के साथ भी मारपीट की गई और उन्हें जबरन बाहर निकाल दिया गया। इसके अलावा रास्ते से गुजर रहे लोगों और पड़ोसियों को भी हथियारों के बल पर धमकाने के आरोप लगाए गए हैं। ईश्वर दास शर्मा ने कहा कि वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर अपना ट्रैक्टर दुकान के अंदर खड़ा कर बाहर से ताला लगाकर चले गए।
उन्होंने बताया कि 112 पर सूचना देने के बावजूद पुलिस मौके पर पहुंचकर बिना कोई ठोस कार्रवाई किए वापस लौट गई। उनका यह भी आरोप है कि सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की कोशिश के बावजूद जांच अधिकारी ने उस पर ध्यान नहीं दिया और न ही घायलों से बातचीत की। पीडि़त का दावा है कि वह पिछले करीब 30 वर्षों से उक्त दुकान पर कब्जे में हैं। उनका कहना है कि वारदात के बाद भी हमलावर इलाके में बेखौफ घूमते रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकडऩे के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि यदि ऐसी घटनाओं पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो लोगों का कानून.व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर भरोसा प्रभावित हो सकता है।