
आरएलए सोलन के बहुचर्चित वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े मामले में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। पुलिस ने मामले में एक और मास्टर माइंड को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस की अभी तक यह आठवीं गिरफ्तारी है। इससे पहले पुलिस अन्य आरोपियों सहित एक अन्य मास्टर माइंड को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
मई माह में पकड़े गए मास्टर माइंड गौरव भारद्वाज से पुलिस द्वारा की गई पूछताछ के दौरान उसने गुरुग्राम के साहुन खान के बारे में जानकारी दी थी। साहुन खान ही वाहन पोर्टल में फर्जी आईडी बनाने और इसे हैक करने का कार्य करता था। उसके बाद पुलिस लगातार उसे गिरफ्तार करनेे के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देकर ठिकाने बदल रहा था। आखिरकार पुलिस को उसके एक और ठिकाने की जानकारी मिली व इस पर सुनियोजित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे धर दबोचा।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और उससे आरएलए सोलन के वाहन पोर्टल को हैक करने व फर्जी आईडी बनाने संबंधित जानकारी जुटा रही है। पुलिस को लग रहा था कि मुख्य आरोपी गौरव भारद्वाज को गिरफ्तार करने के बाद लगभग यह मामला अब खत्म हो गया है,
लेकिन साहुन का नाम सामने आया, जो इस फर्जीवाड़े की मुख्य कड़ी था। डीएसपी अशोक चौहान ने बताया कि वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े में पुलिस ने एक और आरोपी को गुडग़ांव से गिरफ्तार किया है। यह आरोपी इस पूरे मामले में एक मास्टर माइंड है। उससे पूछताछ की जा रही है।
26 जनवरी को सामने आया था मामला
गौर रहे कि एसडीएम सोलन डा. पूनम बंसल ने इसी वर्ष 26 जनवरी को पुलिस में शिकायत दी कि यूपी नंबर के तीन ट्राले आरएलए सोलन में फर्जी रूप से पंजीकृत कर आरएलए झंडूता को ट्रांसफर किए गए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले जांच शुरू तो खुलासा हुआ कि आरएलए सोलन में केवल तीन ट्राले नहीं बल्कि 70 से अधिक वाहन फर्जी तरीके से पंजीकृत कर बिलासपुर व झंडूता आरएएल को ट्रांसफर किए गए हैं।
डीएसपी अशोक चौहान की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया गया। मुख्य आरोपी गौरव भारद्वाज की दिल्ली पुलिस भी तलाश कर रही थी। सोलन में जब इस मामले का पर्दाफाश हुआ तो इसके तार भी गौरव से जुड़ गए। आखिरकार सोलन पुलिस ने मुख्य आरोपी गौरव भारद्वाज को पकडऩे में सफलता हासिल की ।