
अमरीकी हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम विदाई के मौके पर तेहरान जैसे लोगों से पट गया है। उनके श्रद्धांजलि स्थल पर चारों ओर लोग ही लोग दिखाई दे रहे हैं। लोग न केवल खामेनेई की मौत पर दुख जता रहे हैं, बल्कि अमरीका के प्रति रोष भी जाहिर कर रहे हैं। इस मौके पर जमा हुए हजारों लोगों ने ‘बदला-बदला’ का नारा लगाते हुए अपनी छाती पीट-पीटकर मातम मनाया। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला प्रेयर कॉम्प्लेक्स में उनका शव रखा गया है। ईरान के शीर्ष नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में ईरानी आवाम उनकी अंतिम विदाई की गवाह बन रही है। इसके अलावा देश-विदेश से मेहमान भी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे हैं। इस भीड़ में पीले झंडे भी दिखाई दिए, जो कि ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह के हैं। हिजबुल्लाह लेबनान से इजरायल के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। ईरान में भयंकर गर्मी होने की वजह से यहां पर पानी की फुहारें भी मारी जा रही हैं। इस जगह पर चारों ओर लोगों के खाने पीने का भी इंतजाम किया गया है। बाहर मौजूद पुरुषों की भीड़ लयबद्ध तरीके से अपनी छाती पीटकर शोक जता रही थी।
जनाजे में तीन हजार मौतों की आशंका, हजारों कब्र खोदी
ताकत की ऐसी नुमाइश कि पूरी दुनिया देखती रह जाए, लेकिन अंदरखाने खौफ ऐसा कि लाशों को गिनने के लिए पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद जनाजे की रस्में शुरू हो चुकी हैं। लेकिन इस बीच एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई है। जर्मनी के मशहूर मीडिया हाउस ने तेहरान से भेजी गई एक खुफिया रिपोर्ट के हवाले से दावा किया है कि ईरान सरकार खामेनेई के जनाजे में 1,500 से लेकर 3,000 मौतों की आशंका जता रही है और इसके लिए बाकायदा बैकस्टेज तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तेहरान में मौजूद एक पत्रकार के हाथ ईरान की नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट और ईरानी रेड के्रसेंट की एक टॉप-सीके्रट चि_ी लगी है। इस चि_ी में साफ-साफ लिखा है कि जनाजे के दौरान मची भगदड़ या दूसरे हादसों में 1500 से 3000 लोग मारे जा सकते हैं। इस डरावनी आशंका के बीच तेहरान के सबसे बड़े कब्रिस्तान बेहिश्त-ए-जहरा में ताबड़तोड़ हजारों नई कब्रें खोद दी गई हैं।