
हिमाचल में बारिश के बीच भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थरों के गिरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला कुल्लू में रात से लगातार जिला बारिश हो रही है। हालांकि अभी जिला के एक-दो स्थानों पर ही भूस्खलन होने से मार्ग अवरूद्ध हुए हैं, लेकिन लगातार बारिश से अब लोग सहमे हुए हैं। लोगों को वर्ष 2023 की भारी तबाही की याद आ रही है, क्योंकि 8 और 9 जुलाई ,2023 को जिला कुल्लू में भारी बारिश से तबाही हुई थी। इस बार भी मौसम 8 और 9 जुलाई को खराब हुआ है।
जिला कुल्लू में बीते रात से लगातार बारिश का दौर जारी है। ताजा जानकारी के अनुसार जिला कुल्लू की सैंज घाटी में सैंज-न्यूली सडक़ पर भूस्खलन हो गया है। पत्थर के साथ मलबा सडक़ पर आ गिरा है। जिससे सैंज से न्यूली के लिए वाहनों की आवाजाही बंद हो गर्ई है। जिला कुल्लू के दूरदराज क्षेत्र निरमंड की जाओं सडक़ पर भी भूस्खलन हो गया है, जिससे मार्ग अवरूद्ध है, वहीं औट-लुहरी नेशनल हाई-वे-305 पर खनाग के समीप धर्मोर नामक स्थान पर सुबह के दौरान भारी बारिश से सडक़ पर एक पेड़ गिरा था। जिससे मार्ग कुछ देर तक अवरूद्ध हो गया था। बहरहाल जिला कुल्लू में बारिश का दौर लगातार जारी है। ब्यास, पार्वती नदियों सहित सहायक नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है।
गंभरपुल-सरली सडक़ मार्ग पर शुक्रवार को पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण एक वाहन इसकी चपेट में आ गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें वाहन पर गिरे बड़े पत्थर साफ दिखाई दे रहे हैं। घटना के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बरसात के मौसम में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।