ईरान में फौज उतारने की तैयारी में अमरीका, 1000 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना, 574 की मौत

ईरान पर अमरीका और इजरायल के संयुक्त हमले तीसरे दिन भी जारी रहे और ईरान ने प्रतिशोधात्मक कार्रवाई करते हुए खाड़ी के कई देशों में अमरीकी एयरबेस को निशाना बनाया। अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक अमरीका और इजरायल ने मिलकर अब तक ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। इस दौरान शुरुआती 30 घंटे में 2200 से ज्यादा बम गिराए गए। हमलों में ईरान में बीते तीन दिनों में 574 लोगों की मौत हो गई है और देश के 131 नगरों को इन हमलों में खासा नुकसान पहुंचा है। अमरीकी हमले में घायल ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की पत्नी ने भी सोमवार को दम तोड़ दिया। खामेनेई की पत्नी का नाम मंसूरेह खोजास्तेह बागरजादेह था। वह हालिया अमरीकी हमले में बुरी तरह से घायल हो गई थीं। अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने कहा है कि ईरान पर निर्णायक चोट के लिए अमरीका अपने सैनिक ईरान में उतार सकता है। उधर, ईरान ने भी जवाबी हमले जारी रखे हैं और मिडल ईस्ट में चार देशों में मौजूद कम से कम छह अमरीकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने बहरीन, इराक, यूएई और कुवैत में स्थित अमरीकी बेस पर हमला किया। इन हमलों में मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। इजरायल के तेल अवीव के पास बड़ा हमला किया गया। इसी बीच ईरान ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस को भी निशाना बनाने का दावा किया है, हालांकि हमले में नेतन्याहू पूरी तरह सुरक्षित हैं। ईरान ने सोमवार को पहली बार यूरोप पर भी हमला बोला और साइप्रस के ब्रिटिश सैन्य अड्डे को निशाना बनाया। ईरानी हमलों के कारण तेल के व्यापार को खासा नुकसान पहुंचा है। ईरानी ड्रोनों ने सऊदी अरब की रास तानूरा रिफायनरी को भी निशाना बनाया है। इस बीच अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए नेतृत्व के साथ परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है।

 

उन्होंने कहा कि वे बातचीत करना चाहते हैं और मैंने बातचीत के लिए सहमति दे दी है, इसलिए मैं उनसे बात करूंगा।Þ उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किससे बात करेंगे। श्री ट्रंप ने कहा कि पहले जिन ईरानी वार्ताकारों से बातचीत हो रही थी, उनमें से कई अब जीवित नहीं हैं। उधर ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ किसी भी नई बातचीत से इनकार कर दिया है। इससे ईरान, अमरीका और इ•ारायल के बीच पूरे पश्चिम एशिया में सैन्य टकराव बढऩे के साथ ही बयानबाजी और बढ़ गई है। श्री ग्रोसी ने कहा कि आईएईए स्थिति की निगरानी जारी रखेगा और यदि परमाणु सुरक्षा में कोई उल्लंघन होता है, तो सदस्य देशों को तत्काल तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। उन्होंने आगाह किया कि यदि रेडियोधर्मिता रिसाव होता है, तो बड़े शहरों को खाली कराने की नौबत आ सकती है। ईरान में परमाणु प्रतिष्ठानों की स्थिति पर उन्होंने कहा कि अब तक बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र, तेहरान अनुसंधान रिएक्टर या अन्य परमाणु ईंधन चक्र सुविधाओं के क्षतिग्रस्त होने का कोई संकेत नहीं मिला है। आईएईए ने ईरान के परमाणु नियामक प्राधिकरण से संपर्क साधने के प्रयास जारी रखे हैं, लेकिन अभी तक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इसी बीच, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष के बीच कहा है कि वे ईरान के खिलाफ ‘आवश्यक और आनुपातिक रक्षात्मक कार्रवाई’ के लिए तैयार हैं। तीनों देशों ने कहा कि हम क्षेत्र में अपने और अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाएंगे ताकि ईरान की मिसाइल और ड्रोन दागने की क्षमता को उनके स्रोत पर नष्ट किया जा सके। उधर, खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए ईरान समर्थित हिजबुल्लाह समूह ने सोमवार को इजरायल पर हमला कर दिया और हाइफ़ा की ओर ड्रोन और रॉकेट दागे। हिजबुल्लाह के रॉकेट हमलों का जवाब देने के लिए इजरायल ने लेबनान को दहला दिया है। लेबनान के अधिकारियों ने बताया कि लेबनान पर इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 31 लोग मारे गए हैं। इन हमलों में लगभग 149 लोग घायल भी हुए हैं।

 

कुवैत ने गलती से मार गिराए तीन अमरीकी फाइटर जेट

 

वाशिंगटन। अमरीकी सेना ने सोमवार को बताया कि ईरान के हमलों के दौरान एक लड़ाकू मिशन में कुवैती एयर डिफेंस ने ‘गलती से’ अमरीकी वायुसेना के तीन एफ-15ई स्ट्राइक ईगल विमानों को मार गिराया। अमरीकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा कि सभी छह पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में सफल रहे। कुवैत ने इस घटना को स्वीकार किया है और जारी अभियान में सहयोग के लिए अमरीकी सेना ने कुवैती रक्षा बलों के प्रयासों के प्रति आभार जताया है।

 

दावा… ईरान पर हमले को पाकिस्तानी एयरस्पेस का इस्तेमाल

 

पाकिस्तान पर आरोप लगा है कि उसने अमरीका को ईरान पर हमले के लिए अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने दिया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक सीनियर कमांडर ने कहा कि यदि पाकिस्तान ने ऐसा किया है, तो वह सुरक्षित नहीं रहेगा और उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।

 

न्यूक्लियर रेडिएशन का खतरा

 

वियना- अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने कहा है कि अब तक ईरान के किसी भी परमाणु ठिकाने पर हमला नहीं हुआ है, लेकिन ‘रेडियोधर्मिता रिसाव‘ की संभावना को टाला नहीं जा सकता।

 

स्पेन ने रोका अमरीका

 

स्पेन ने अमरीका को अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया है। इसके बाद दक्षिणी स्पेन के रोटा और मोरॉन एयरबेस से 15 अमरीकी विमान रवाना हो गए।

 

ओमान में ऑयल टैंकर पर हमला, एक भारतीय की मौत

 

इजरायल और ईरान में जारी जंग के बीच ओमान के पोर्ट सुल्तान क़ाबूस के उत्तर-पश्चिम में समुद्र में एक तेल टैंकर पर हमले की घटना सामने आई है। मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाला ऑयल टैंकर एक मानव रहित नाव (अनमैन्ड बोट) के हमले का शिकार हुआ। हमले के दौरान टैंकर के मुख्य इंजन कक्ष में आग लग गई और विस्फोट हुआ, जिससे एक भारतीय चालक दल सदस्य की मौत हो गई।

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