ईरान-इज़रायल युद्ध: छठे दिन अज़रबैजान तक पहुंची युद्ध की चिंगारी, दोहा में सुने गए धमाके

 

ईरान और अमरीका-इज़रायल के बीच जारी युद्ध के छठे दिन अज़रबैजान भी संघर्ष के घेरे में आ गया। अज़रबैजान ने अपनी सरजमीं के एक हवाई अड्डे पर धमाके के बाद कहा कि ईरान के ड्रोन उसके ठिकानों पर हमला कर रहे हैं। इस बीच, कतर की राजधानी दोहा में भी धमाके सुने गए। अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि ईरान की ओर से दागे गए कई ड्रोन उनके क्षेत्र में गिरे हैं। इनमें से एक ड्रोन ने हवाई अड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग को क्षतिग्रस्त किया है, जबकि दूसरा एक स्कूल भवन के पास जाकर गिरा। मंत्रालय ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई और साथ ही ईरान से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इस तरह की घटना दोबारा न हो। साथ ही मंत्रालय ने अज़रबैजान में ईरान के राजदूत को अपनी कड़ी प्रतिक्रिया ज़ाहिर करने के लिए तलब किया।

 

दूसरी ओर, इज़रायल द्वारा ईरान के खिलाफ हमलों की एक नयी लहर शुरू करने की घोषणा के बाद तेहरान और करज के आसमान धमाकों की गूंज से दहल उठे। इज़रायली सेना ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान के भीतर चुनिंदा ठिकानों पर अपने सैन्य अभियान को और तेज कर रही है। ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी ने इस युद्ध के मानवीय पक्ष पर एक भयावह रिपोर्ट जारी की है। संस्था के अनुसार, पिछले शनिवार से अब तक अमेरिकी और इज़रायली सेनाओं द्वारा कुल 1,332 हमले किए जा चुके हैं। इन भीषण सैन्य कार्यवाहियों में अब तक 1,000 से अधिक लोगों की जान जाने की पुष्टि हो चुकी है।

इस दौरान युद्ध की आग ईरान की सीमाओं से बाहर निकलकर कतर तक पहुंच गयी। कतर की राजधानी दोहा के ऊपर आसमान में गुरुवार को कई शक्तिशाली विस्फोट सुने गए। जानकारी के अनुसार, कतर की रक्षा प्रणालियों ने राजधानी की ओर आ रही मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया है, जिससे क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त रहा। कतर ने एहतियात के तौर पर दोहा में अमेरिकी दूतावास के पास रहने वाले लोगों को कुछ समय के लिए दूसरी जगह भेजना भी शुरू कर दिया। खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों को देखते हुए इटली ने इन देशों को वायु रक्षा सहायता देने का फैसला किया है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक रेडियो कार्यक्रम में कहा कि वह इन देशों के लिए वायु रक्षा सहायता देने की योजना बना रही हैं। उन्होंने कहा कि इन देशों में हज़ारों की तादाद में इतालवी लोग रहते हैं। साथ ही यहां इतालवी सैनिक भी तैनात हैं, जिनकी रक्षा करना ज़रूरी है।

 

दूसरी ओर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि वह ईरान में सेना उतारने की संभावना को ख़ारिज नहीं कर सकते। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में अपने दौरे के दौरान कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो कनाडा उचित समय पर अपने साथियों की सहायता करेगा। ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर’ (आईआरजीसी) ने यह भी दावा किया कि उसकी नौसेना ने फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी तेल टैंकर को निशाना बनाया। इस हमले के बाद जहाज पर भीषण आग लग गई। आईआरजीसी ने कहा कि खाड़ी और हिंद महासागर के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य पर उनका ‘पूर्ण नियंत्रण’ है।

 

इस बीच, लेबनान के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी इज़रायली बमबारी जारी है। ताजा हमलों में दक्षिणी लेबनान के गांवों में आठ लोगों की मौत हो गयी। सरकारी नेशनल न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान में अल-क़लैलाह के पास सुबह-सुबह एक इज़रायली ड्रोन ने एक कार पर हमला किया, जिसमें तीन लोग मारे गये। पूर्वी लेबनान में ज़हले रोड पर एक कार को निशाना बनाकर किये गये एक और ड्रोन हमले में दो और लोग मारे गए। हिंद महासागर में भी युद्ध की परछाईं पहुंची है। श्रीलंका सरकार के अनुसार, एक और ईरानी युद्धपोत उनके प्रादेशिक जल क्षेत्र में है। यह घटना उसी क्षेत्र के पास हो रही है जहां बुधवार को एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी फ्रिगेट को नष्ट कर दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *