
टी-20 विश्व कप में भारत के हाथों करारी हार झेलने वाली पाकिस्तान की टीम अब अपने ही मुल्क में बेगानी हो गई है। भारत से हार के बाद पाकिस्तान में जबरदस्त भूचाल आ गया है। क्रिकेट फैन्स से लेकर पूर्व क्रिकेटर भी पाकिस्तानी खिलाडिय़ों को कोस रहे हैं, जबकि खेल विशेषज्ञ भी खिलाडिय़ों को खूब खरी-खरी सुना रहे हैं। स्पिनरों के खिलाफ तगड़ी प्रैक्टिस कर मैदान में उतरी पाकिस्तानी टीम के तीन ऐसे बड़े कारण सामने आए हैं, जिनके कारण टीम को भारत के हाथों टी-20 विश्व कप में 9 मुकाबलों में से 8 में हार का सामना करना पड़ा है। आइए जानते हैं कि आखिर ऐसे क्या कारण रहे, जिन्होंने पड़ोसी मुल्क को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
पेसिंग अटैक के सामने बेबस
पाकिस्तान के बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ खूब प्रैक्टिस कर मैदान में उतरे थे, लेकिन उनकी यह प्रैक्टिस किसी काम न आई। स्पिन के लिए उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजों को मैदान में उतारा था, लेकिन पाक बैटर्ज भारत के पेसिंग अटैक को समझ ही नहीं पाए। क्योंकि प्रैक्टिस तो उन्होंने स्पिन के खिलाफ की थी, लेकिन वे यह भूल गए थे कि भारतीय टीम मेें विश्व के नंबर बन तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी हैं, जिनके खिलाफ कोई भी बल्लेबाज आसानी से शॉट नहीं मार सकता, जबकि हरफनमौला परफॉर्मेंस देने वाले दिग्गज ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या भी पेस अटैक में जान डाल देते हैं। पाकिस्तान को पांडया और बुमराह को नजरअंदाज करना महंगा पड़ा और अपने तीन बल्लेबाज शुरूआती ओवर्ज में ही पेसिंग अटैक के सामने गवां दिए।
टॉस जीत गेंदबाजी
पाकिस्तान ने टॉस जीतने के बाद भी पहले बल्लेबाजी नहीं की। यह उसकी सबसे बड़ी भूल थी, क्योंकि एक्सपर्ट ने पहले ही बता दिया था कि प्रेमादासा की पिच पर 160-165 स्को बहुत बढिय़ा होता है, इसके विपरीत पाकिस्तान ने भारत के लिए टारगेट सेट करने की नहीं सोची उल्टा भारत से ही एक 176 रन का टारगेट ले लिया। सभी को पता है कि पाकिस्तानी खिलाड़ी प्रेशर फेस नहीं कर सकते, तो इतना बड़ा टारगेट कैसे चेज़ करते।
इशान किशन को हल्के में लेना
पाकिस्तान के खिलाडिय़ों अभिषेक शर्मा को खूब खौफ था। इसलिए उन्होंने सारी स्ट्रेटजी भी अभिषेक के खिलाफ बनाई थी, लेकिन इशान किशन के तूफान को वह भांप तक नहीं पाए। चूंकि इशान जबरदस्त फॉर्म में थे और मैदान के चारों तरफ चौक्कों-छक्कों की बरसात ने पाकिस्तान को करारा झटका दिया। हालांकि इशान को पाकिस्तान ने आउट तो कर दिया, लेकिन तब तक भारत एक मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।
गेम प्लान
पाकिस्तान के सामने भारत ने 176 रन का टारगेट सेट किया था। पहाड़ जैसे स्कोर तक पहुंचने के लिए एक तगड़े गेम प्लान की जरूरत थी, लेकिन पाक खिलाड़ी कहीं भी प्लान के साथ खेलते नजर नहीं आए और ताश के पत्तों की तरह 114 रन पर सिमट गए।
बाबर आजम की तुलना
पाकिस्तान के लोग बाबर आजमी की तुलना विराट कोहली से करते हैं, जो कि हास्यस्पद लगता है। हालांकि बाबर एक अच्छे बैटर्ज हैं और सीनियर खिलाड़ी हैं। पाकिस्तान को उनसे काफी उम्मीदें थीं और उन्होंने एक-दो अच्छे शॉर्ट भी लगाए, लेकिन धीमी पिच पर वह अक्षर पटेल की फिरकी में बुरी तरह फंस गए।
पाक हुकूमत का डबल चेहरा
टी-20 विश्व कप में पाकिस्तान का दोगलापन भी सामने आया है। पहले उसने भारत के खिलाफ कोई भी मैच खेलने से मना कर दिया और फिर बाद में एन मौके पर हां कर दिया। पाकिस्तान के खिलाड़ी खुद भी नहीं जानते थे कि भारत से मैच खेलना है या नहीं। इसी ऊहापोह में पाक खिलाडिय़ों का मनोबल भी गिरता रहा और वे मानसिक रूप से मजबूत नहीं हो पाए, उधेड़बुन में ही रह गए। अगर पाकिस्तानी हुक्मरानों ने पहले ही तय कर दिया होता कि भारत के खिलाफ मैच खेलना है, तो नतीजे कुछ और भी हो सकते थे।