
गगरेट से कांग्रेस विधायक राकेश कालिया की मांग पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गगरेट और गगल से जुड़े बेनामी जमीन सौदों की गहन जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गगरेट और गगल से जुड़े बेनामी जमीन सौदों में शामिल गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद लैंड माफिया के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। प्रश्नकाल के दौरान यह मामला उठा था, जो गगरेट के एक रिटायर आईएएस अधिकारी पर लगे आरोपों का है। कांगड़ा के गगल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से संबंधित सवाल को पूछते हुए कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने कहा कि हिमाचल से उत्तराखंड तक कई तरह के सौदे करने के बाद अब कांगड़ा एयरपोर्ट की लैंड में भी उत्तराखंड के रिटायर आईएएस का नाम आ रहा है। पैसे का लालच देकर वहां लोगों से पहले जमीन कब्जा ली गई।
इससे पहले भी उन्होंनेे इस व्यक्ति की लेकर एफआईआर दर्ज करवाई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। कालिया ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि इसी रिटायर्ड अधिकारी की सरकार गिराने की कोशिशों में भी भूमिका रही है। उन्होंने इस मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जमीन की लेन-देन का मामला ज्यादा नहीं छिपता। यदि प्रदेश से बाहर का खरीदार है, तो सरकार से धारा 118 में अनुमति लेनी पड़ती है। यदि बिना अनुमति के जमीन ली गई होगी, तो हम उसको जब्त करेंगे। यदि बेनामी सौदा होगा, तो भी सख्त कार्रवाई सरकार करेगी।
फोन नहीं उठाने वाले अफसरों का स्पीकर ने लिया संज्ञान
बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान गगरेट से कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने विधानसभा में आरोप लगाया कि कुछ अफसर उनके फोन नहीं उठाते। इसलिए अफसरों का मोबाइल भत्ता बंद कर दिया जाए। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने इन आरोपों को गंभीरता से लिया और कहा कि विधायक उन्हें लिखित में शिकायत दें, क्योंकि वह इस मामले का संज्ञान ले रहे हैं।