
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की ओर से आयोजित की जाने वाली दसवीं व जमा दो की वार्षिक परीक्षाओं का कल मंगलवार तीन मार्च से शुभ मंगल आगाज हो जाएगा। इस बार बोर्ड की दसवीं व जमा दो की फाइनल परीक्षाओं में एक लाख 84 हज़ार छात्र भाग लेंगे। इसमें दसवीं में 97 हज़ार व जमा दो के 87 हज़ार परीक्षार्थी शामिल हैं। साथ ही एसओएस के तहत आठवीं, दसवीं व जमा दो के भी 20 हज़ार के करीब छात्र परीक्षाएं देंगे। दसवीं-जमा दो के प्रैक्टिकल 20 से शुरू हुई थी, जो कि पूरी हो चुकी है। अब लिखित परीक्षाएं तीन मार्च मंगलवार से शुरू होंगी। इसके लिए प्रदेश भर में दो हज़ार 384 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही बोर्ड की ओर से 41 स्थल मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की जाएगी। इस बार बोर्ड की ओर से दसवीं व जमा दो के परिणाम को जारी करने के लिए 30 अप्रैल को पहला रिजल्ट जारी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश में मंगलवार से आरंभ होने वाली दसवीं और जमा दो की वार्षिक परीक्षाओं में एक लाख 84 हजार के करीब परीक्षार्थी भाग लेंगे।
इसके लिए बोर्ड की ओर से पूरी तैयारियां कर ली गई है। उत्तरपुस्तिकाएं व परीक्षा सामग्री संबंधित परीक्षा केंद्रों में पहुंचा दी गई है, जबकि प्रश्रपत्र भी केंद्रों के डिपो में पहुंचा दिए गए हैं। जनजातिय क्षेत्रों पांगी व लाहुल-स्पीति के लिए प्रश्रपत्र भी पहले ही केंद्रों में भेज दिए गए हैं। वार्षिक परीक्षाओं के लिए बोर्ड की ओर से दो हज़ार 384 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। साथ ही परीक्षाओं उपरांत उत्तरपुस्तिकाओं की चैकिंग के लिए 41 स्थल मूल्यांकन केंद्र प्रदेश भर में स्थापित किए गए हैं। इस बार भी बोर्ड ने दसवीं और जमा दो का परीक्षा परिणाम 30 अप्रैल तक घोषित करने का लक्ष्य तय किया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के सचिव डा. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि तीन मार्च से आरंभ हो रही वार्षिक परीक्षाओं में दसवीं में करीब 97 हजार, जबकि जमा दो में 87 हजार परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं। 28 फरवरी तक प्रेक्टिकल परीक्षा का कार्य पूरा कर लिया गया है। अब लिखित के लिए पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वायड बनाए जाएंगे, साथ ही लाइव मॉनिटरिंग सेंटर भी स्थापित किया जाएगा।
शिक्षा निदेशालय लगाएगा शिक्षकों की ड्यूटी
उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए बोर्ड को शिक्षकों की उपलब्धता की समस्या रहती थी, जिस पर बोर्ड ने शिक्षा निदेशालय से आग्रह किया था। शिक्षा बोर्ड के आग्रह पर शिक्षा निदेशक की ओर से हामी भरी गई है कि स्थल मूल्यांकन केंद्रों में शिक्षकों की ड्यूटी शिक्षा निदेशालय की ओर से लगाई जाएगी।