
इस्लामाबाद में शांति की मेज पर सबसे बड़ी डील होने वाली है। दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर टिकी हुई हैं। सभी देश चाहते हैं कि कोई अच्छा संदेश पाकिस्तान से आए और शांति की पक्की नींव इस्लामाबाद में रखी जाए। हालांकि ईरान अभी भी अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है। शांति वार्ता के किलए ईरान का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुका है, जबकि अमरीका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। उनका विमान पाकिस्तान की धरती पर लैंड कर चुका है और अब सबकी नजरें इस ऐतिहासिक शांति वार्ता पर टिकी हैं।
तय कार्यक्रम के मुताबिक जेडी वेंस सबसे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात करेंगे, जिसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच शांति डील को लेकर बातचीत का मुख्य दौर शुरू होगा। उधर, ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि उसकी पूर्व शर्तें पूरी नहीं होने पर वार्ता प्रक्रिया पटरी से उतर सकती है। मोहम्मद बाकर ग़ालिबाफ़ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल में सुरक्षा, राजनीतिक, सैन्य, आर्थिक और कानूनी समितियों के सदस्य शामिल हैं। यह दल शुक्रवार रात इस्लामाबाद पहुंचा। ईरानी प्रतिनिधिमंडल में अन्य अधिकारियों में विदेश मंत्री अब्बास अराघची, सुप्रीम नेशनल डिफेंस काउंसिल के सचिव अली-अकबर अहमदियन, सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेमती, साथ ही संसद के कई सदस्य शामिल हैं। ईरान द्वारा पेश 10 सूत्री प्रस्ताव को श्री ट्रंप ने वार्ता के लिए कारगर आधार बताया है। इसमें सभी मोर्चों पर आक्रामक कार्रवाई रोकने की शर्त शामिल है, जिसमें लेबनान भी शामिल है। श्री ट्रंप की घोषणा के बाद हालांकि इजऱायल ने लेबनान पर हमले तेज किये हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों लोगों की मौत हुई है।