
विवादित चेस्टर हिल्स प्रोजेक्ट पर रीयल एस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी ने 70 लाख जुर्माना लगाया है। ये आदेश दो अलग अलग मामलों में दिये गये हैं। चेस्टर हिल-2 और चेस्टर हिल्स-4 पर अलग-अलग आदेश पारित करते हुए प्रत्येक पर 35-35 लाख रुपये का अंतरिम जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई रेरा अधिनियम 2016 की धारा 60 के तहत की गई है, क्योंकि कानून के उल्लंघन में आवंटियों से प्राप्त धनराशि और परियोजनाओं पर किए गए व्यय के खातों का उचित रखरखाव नहीं पाया गया। इस मामले में प्राधिकरण द्वारा स्वत: संज्ञान कार्यवाही जारी है। संबंधित प्राधिकरणों से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद प्रमोटरों पर धारा 11 (विभिन्न दायित्वों के उल्लंघन), धारा 14 (स्वीकृत नक्शों से विचलन) और धारा 17 (पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना कब्जा सौंपने) के उल्लंघन के लिए अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने चेस्टर हिल्स-2 परियोजना के प्रमोटर को आदेश दिया है कि वह 30 दिनों के भीतर निर्धारित बैंक खाते में जुर्माने की राशि जमा कराए और रेरा अधिनियम के सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करे। रेरा ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रमोटर को 4 फरवरी 2026 के संशोधित नक्शों के संबंध में परियोजना के दो-तिहाई आवंटियों की सहमति प्रस्तुत करनी होगी। इसके अलावा, प्राधिकरण ने उपायुक्त सोलन को धारा 118 से जुड़े मामलों पर 30 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए पुन: स्मरण पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम सोलन को भी निर्देशित किया गया है कि वह परियोजना में पाए गए अवलोकनों की जांच कर विस्तृत स्पष्टीकरण प्रस्तुत करे। वहीं, शहरी विकास निदेशक और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग निदेशक को भी पूरे प्रकरण की समीक्षा कर अपनी टिप्पणियां देने को कहा गया है। रेरा ने कहा कि यदि नगर निगम सोलन के पंजीकृत इंजीनियर और आर्किटेक्ट समय पर रिपोर्ट करते तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। इस पर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को संबंधित इंजीनियर और आर्किटेक्ट के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट में गड़बडिय़ों को लेकर संबंधित चार्टर्ड अकाउंटेंट के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण ने प्रमोटर को आदेश दिया है कि वह 30 दिनों के भीतर निर्धारित बैंक खाते में जुर्माने की राशि जमा कराए और रेरा अधिनियम के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करे।
बार बार रिमाइंडर पर भी नहीं आई धारा 118 पर जांच रिपोर्ट
रेरा ने यह भी कहा है कि बार-बार स्मरण पत्र भेजे जाने के बावजूद धारा 118 से जुड़े मामलों पर अब तक कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि उपायुक्त सोलन से मांगी गई रिपोर्ट दोनों परियोजनाओं चेस्टर हिल्स-2 और चेस्टर हिल्स-4 के लिए थी, क्योंकि दोनों में समान आरोप सामने आए हैं और प्रमोटर भी एक ही है। अब उपायुक्त सोलन को एक संयुक्त पत्र जारी कर 23 मार्च 2026 के आदेश के अनुसार दोनों परियोजनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाएंगे। रेरा ने प्रमोटर को परियोजना की वर्तमान स्थिति का पूरा विवरण देने के निर्देश भी दिए हैं। इसमें ब्लॉक-वार कार्य प्रगति, कॉमन सुविधाओं की स्थिति, आवंटियों से प्राप्त कुल राशि और उसके उपयोग का स्पष्ट ब्योरा शामिल होगा