मोहाली में CM मान का युवाओं को संदेश, खुद का काम शुरू करें, सरकार करेगी मदद

 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब के युवाओं को नौकरियां तलाशने वाले बनने की बजाय नौकरियां पैदा करने वाले बनने की ओर बढऩे का आह्वान किया। यह दावा करते हुए कि उनकी सरकार सक्रिय रूप से ऐसा माहौल बना रही है जहां युवा प्रदेश सरकार के समर्थन से अपने उद्यम शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि रोजगार की तलाश में विदेशों में जाने की जरूरत खुद-ब-खुद खत्म हो रही है क्योंकि उनकी सरकार युवाओं के लिए पंजाब में ही अवसर पैदा कर रही है। पिछली अकाली और कांग्रेस सरकारों से तीखी तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जहां पिछली सरकारें खाली खजाने के बहाने मारती रहीं। वहीं, उनकी सरकार साफ-सुथरे इरादों और निर्णायक शासन के जरिए अपने वादों से भी आगे बढक़र काम कर रही हैए जो साबित करता है कि सिस्टम में कोई कमी नहीं थीए बल्कि पुराने नेताओं में राजनीतिक इच्छाशक्ति की ही कमी थी। आज यहां मोहाली के सेनेटा गांव में लोक मिलनी के दौरान सभा को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनके खिलाफ कोई मुद्दा न होने के कारण विपक्षी दल मुझ पर झूठे और निराधार व्यक्तिगत आरोप लगाकर अपनी नीच स्तर की मानसिकता दिखा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रदेश के समग्र विकास के लिए कठोर प्रयास कर रहे हैं, जिससे विपक्षी दल बौखलाहट में हैं।

 

उन्होंने कहा कि ये नेता आम आदमी की भलाई और प्रदेश की प्रगति को हजम नहीं कर पा रहे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस कारण विपक्षी मेरे खिलाफ निराधार और तर्कहीन आरोप लगा रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से उनकी निराशा को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे लोगों की दौलत लूटने का तो कोई अनुभव नहीं, लेकिन में आम लोगों के दुख दर्द को बांटने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की हिम्मत जरूर रखता हूं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे प्रदेश की भलाई और लोगों की खुशहाली के लिए समर्पित होकर काम कर रहे हैं, जिससे विपक्षी दल बेचैनी में है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक नेता इन बातों को हजम नहीं कर पा रहे, जिस कारण वे बार.बार उनके खिलाफ जहर उगल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटिया चालें उन्हें प्रदेश के लोगों की सेवा करने से नहीं रोक सकतीं और वे प्रदेश के समग्र विकास के लिए नेक कार्यों को इसी तरह जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के नेताओं ने कभी प्रदेश या इसके लोगों की परवाह नहीं की। जबकि इसके विपरीत इन अहंकारी नेताओं ने हमेशा प्रदेश के लिए काम करने की बजाय अपने पारिवारिक और निजी हितों को प्राथमिकता दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *