Punjab होशियारपुर सेंट्रल जेल वीडियो मामले में बड़ी कार्रवाई, अपर अधीक्षक व वार्डर समेत 12 गिरफ्तार

 

 

 

 

 

 

 

पंजाब में होशियारपुर सेंट्रल जेल से कथित तौर पर गैंगस्टर के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल के अपर अधीक्षक और एक वार्डर समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ दी गई हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मलिक ने रविवार को बताया कि गत 14 जून को सोशल मीडिया पर सेंट्रल जेल में बंद गैंगस्टर मनप्रीत सिंह उर्फ मन्ना का एक कथित वीडियो सामने आया था। इसके बाद जेल प्रशासन ने तलाशी अभियान चलाकर उसके कब्जे से बिना सिम कार्ड वाला एक मोबाइल फोन बरामद किया और मामला दर्ज किया गया।

एसएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी (पीबीआई) की निगरानी में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया, जिसमें डीएसपी (डिटेक्टिव), डीएसपी (सिटी) और थाना सिटी के एसएचओ को शामिल किया गया। एसआईटी ने पिछले तीन सप्ताह में पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें गैंगस्टर मनप्रीत सिंह उर्फ मन्ना, प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए अन्य आरोपी, जेल के बाहर से सहयोग करने वाले कथित मददगार और सेंट्रल जेल के दो अधिकारी शामिल हैं। गिरफ्तार जेल अधिकारियों की पहचान अतिरिक्त अधीक्षक हरभजन सिंह और वार्डर रविंदर सिंह के रूप में हुई है।

एसएसपी ने बताया कि जांच के दौरान कई मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा लाखों रुपए के वित्तीय लेन-देन के सबूत भी मिले हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक जांच में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और मामले में पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं। जांच अभी जारी है। जेल अधिकारियों की भूमिका पर एसएसपी ने कहा कि जांच में ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनसे पता चलता है कि उन्हें पैसे दिए जा रहे थे और उन्होंने अपने सरकारी दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। पैसे किस उद्देश्य से दिए गए, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारियों की कथित मिलीभगत के संबंध में पर्याप्त सबूत एकत्र किए गए हैं।

पुलिस ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी एफआईआर में जोड़ दी हैं। एसएसपी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद दोनों अधिकारियों पर अपराधियों की मदद करने या उनके साथ मिलीभगत करने के आरोप हैं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि दोनों जेल अधिकारियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी ताकि उनसे आगे पूछताछ की जा सके। एसएसपी ने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि 14 जून को सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित वीडियो में बठिंडा जिले के तलवंडी साबो निवासी और होशियारपुर सेंट्रल जेल में बंद मनप्रीत सिंह उर्फ मन्ना ने जेल कर्मचारियों पर उत्पीड़न, पैसों की मांग और जेल के अंदर नशीले पदार्थों की उपलब्धता जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। उसने यह भी दावा किया था कि कुछ जेल कर्मचारी कैदियों के साथ मारपीट करते हैं और मुख्यमंत्री भगवंत मान से जेलों में सुधार की अपील की थी। वीडियो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन ने जांच शुरू की थी। इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने भी जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे और यह मुद्दा राजनीतिक विवाद का कारण बना था। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है।

 

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