
मानसून सीजन में हिमाचल में खनन गतिविधियों पर राज्य सरकार ने पूरी तरह से रोक लगा दी है। अब सितंबर माह में ही नियमों के तहत खनन किया जा सकेगा। वहीं हिमाचल-पजांब की सीमा पर अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार सख्त कदम उठा रही है। वहीं कांगड़ा जिला के नुरपुर क्षेत्र में हिमाचल-पंजाब की विवादित बाउंडरी का मसला सुलझाने के लिए राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को निशानदेही करवाने के आदेश दिए है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री की हिदयत है कि प्रदेश में अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे प्रदेश के किसी भी कोने में अवैध खनन की गतिविधियां पर रोक लगाने के लिए प्रशासन, माइनिंग व पुलिस समेत अन्य विभागों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि अवैध खनन करने वाला चाहे सता दल या फिर किसी भी राजनीतिक दल का व्यक्ति हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और कार्रवाई होगी। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बरसात का सीजन आरंभ हो गया है। लिहाजा राज्य में जुलाई और अगस्त माह में खनन गतिविधियां पूरी तरह से बंद रहेगी। उन्होंने कहा कि निर्देश दिए गए है कि जिनकी लीज है, वहां पर भी खनन नहीं होगा। जबकि स्टॉक होने की सूरत में ट्रांसपोटेशन की अनुमति रहेगी। उन्होंने कहा कि अब सितंबर माह में खनन गतिविधियां खुलेगी।
उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले तीन वर्षो में अवैध खनन करने वालों पर शिकंजा कसा गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार सौ फीसदी खनन पर रोक नहीं लगा सकती। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर अवैध खनन की गतिवधियां किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए 22 अलग-अलग विभागों को कार्रवाई के लिए अधिकृत किया है।
उन्होंने कहा कि जिस विभाग के कार्य क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियां हो रही है, उसके लिए संबंधित महकमे की जिम्मेदारी है कि वह इस पर अंकुश लगाए। उद्योग मंत्री ने बताया कि कांगड़ा जिले के नुरपुर क्षेत्र में हिमाचल और पंजाब की बाउंडरी विवादित होने के चलते इसका फायदा कुछ लोग उठा रहे है। वहीं संबंधित क्षेत्र में अवैध खनन करने वालों को हिमाचल ने पकड़ा भी है। उन्होंने बताया कि हिमाचल-पंजाब की विवादित बाउंडरी का मामला सुलझाने के लिए जिला प्रशासन को डिमार्केशन के निर्देश दिए गए है। चंूकि वह नाले में है और वहां पर ही सबसे ज्यादा अवैध खनन की गतिविधियां होती है।