अमरीका ने तबाह किए ईरान के 90 सैन्य ठिकाने

 

अमरीका ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले किये हैं, जिनमें दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर चाबहार की बिजली अवसंरचना, बंदरगाह सुविधाओं और एक अस्पताल को नुकसान पहुंचा है। देश के अन्य दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में भी हमलों और विस्फोटों की सूचना मिली है। सूचना है कि अमरीका ने ईरान में लगभग 90 ठिकानों का तबाह कर दिया है। ईरानी मीडिया के अनुसार बुधवार को हुए हमलों में चाबहार की तीन विद्युत पारेषण लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे शहर के करीब आधे हिस्से में बिजली आपूर्ति बाधित हुई।

हमले के दौरान मिसाइल के टुकड़े इमाम अली अस्पताल पर भी गिरे। तस्नीम समाचार एजेंसी ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि चाबहार और निकटवर्ती कोनारक शहर में करीब 10 विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के मुताबिक हमलों से चाबहार के शहीद बेहेश्ती बंदरगाह, कलंतरी बंदरगाह और पोत यातायात नियंत्रण टावर को भी नुकसान पहुंचा।

इन हमलों के कारण आधे चाबहार शहर की बिजली चली गई। सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत की विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक ने बताया कि क्षतिग्रस्त तीन विद्युत लाइनों में से दो को बहाल कर दिया गया है और तीसरी लाइन की मरम्मत का काम जारी है। इस बीच, सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के ईरानशहर में स्थानीय हवाई अड्डे पर मिसाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान ईरानशहर हवाई अड्डे के मौसम विज्ञान भवन में तैनात ड्यूटी अधिकारी खालिद कादेरी के रूप में हुई है।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार शहर में चार शक्तिशाली विस्फोट सुने गये। तस्नीम ने कुछ अपुष्ट रिपोर्टों के हवाले से कहा कि चाबहार स्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) नौसेना के इमाम अली नौसैनिक अड्डे को भी अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने निशाना बनाया। ईरानी मीडिया ने दक्षिणी ईरान के कई अन्य क्षेत्रों में भी विस्फोटों की सूचना दी।

सरकारी मीडिया के अनुसार बंदर अब्बास और सिरिक में कई धमाके हुए तथा बंदर अब्बास और केशम द्वीप की तटीय वायु रक्षा इकाइयों ने शत्रु लक्ष्यों को निशाना बनाया। अबू मूसा द्वीप, जास्क और बुशहर प्रांत के चोगदक शहर में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।

इसके अलावा आईआरजीसी की स्थानीय इकाई ने कहा कि अमेरिकी क्रूज मिसाइलों ने उत्तरी ईरान के गोलेस्तान प्रांत में अक्काला काउंटी स्थित अक-तप्पे खान पुल के आसपास के क्षेत्रों को निशाना बनाया। अमरीकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया गया है, जिसका घोषित उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है।

दुश्मन को कड़ी सजा मिलेगी

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहसिन रेजाई ने हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दुश्मन और उसके सहयोगियों को कड़ी सजा दी जाएगी। पश्चिम एशिया में बढ़ रहे तनाव के बीच ईरान ने अमरीका पर युद्धविराम और पिछले महीने पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए समझौता ज्ञापन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। ईरानी सशस्त्र बलों ने अमरीकी हमलों के जवाब में क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है।

85 अमरीकी सैन्य ठिकानों पर हमले

आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में 85 अमरीकी सैन्य ठिकानों और लक्ष्यों पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले किए। इनमें बहरीन में पोर्ट सलमान और अमेरिकी पांचवें बेड़े से जुड़े क्षेत्र तथा कुवैत का अली अल सलेम एयर बेस शामिल हैं। आईआरजीसी ने एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया।

अमरीकी हमलों में आठ सैनिकों की मौत

तेहरान। ईरान के दक्षिणी प्रांतों में सैन्य ठिकानों पर बुधवार तडक़े हुए अमेरिकी हमलों में ईरानी सेना के आठ जवान मारे गए। सेना ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि दक्षिणी शहरों बंदर अब्बास और बुशहर के इलाकों में अमरीकी सेना की अपराधिक आक्रामकता के बाद देश की रक्षा करते हुए उसकी वायु सेना और नौसेना के जवानों की मौत हो गई। बयान के अनुसार हमलों के दौरान दुश्मन के प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या गोले) की चपेट में आने से इन जवानों की मौत हुई। सेना ने कहा कि वह आखिरी सांस तक दुश्मनों का मुकाबला करती रहेगी। बयान में शहीद जवानों की मौत का बदला लेने का संकल्प भी लिया गया।

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