
यलो अलर्ट के बीच गुरुवार को हिमाचल प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में व्यापक वर्षा हुई है। बारिश के चलते कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। किन्नौर जिला की लिप्पा पंचायत के पेजर नाले में गुरुवार सुबह आई बाढ़ से तेती खड्ड का बहाव रुक गया।
बाढ़ के कारण लिप्पा गांव को जोडऩे वाला करीब 100 फुट लंबा लोहे का पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया और असुरक्षित हो गया है। पुल के आसपास बने कई घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। पुल बंद होने से लिप्पा गांव का दूसरे क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। उधर, कल्पा उपमंडल की कामरू पंचायत के कुप्पा क्षेत्र में चट्टानें टूटकर गिरने से कुछ मकानों को नुकसान पहुंचा है।
एहतियात के तौर पर 20 परिवारों को जीरा फार्म में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। जिला प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है। सिरमौर जिला में लगातार बारिश के बाद औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में कई जगह जलभराव हो गया। सडक़ों पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई वाहन पानी में फंस गए। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
उधर, राजधानी शिमला में भी सुबह से शुरू हुई बारिश शाम तक जारी रही। इससे तापमान में गिरावट आई और मौसम ठंडा हो गया। दिनभर बारिश होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। निचले और मैदानी इलाकों में भी कई जगह अच्छी बारिश हुई,
जबकि ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी की रिपोर्ट है। मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। राज्य में बीते 24 घंटे में चंबा के जोत में सबसे अधिक 50 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा बिलासपुर के मलराओं, शिमला के सराहन और चंबा के चुवाड़ी में 40-40 मिलीमीटर, जबकि सिरमौर के रेणुका और सोलन के धर्मपुर में 30-30 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार 10 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का यलो अलर्ट है।
11 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 12 जुलाई को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश, जबकि शिमला और सोलन में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। 13 जुलाई को कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में मध्यम से भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के पास नहीं जाने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।