
अमृतसर की गलियों में उस रात एक खौफ़नाक साया घूम रहा था
फिरौती मांगने वाले अपराधियों का ऐसा गिरोह, जो मासूम व्यापारियों को धमकियों से तोड़ देता था, गोलियों से डर फैलाता था और शहर की शांति को अपने खूनी इरादों से रौंदना चाहता था।
यह गिरोह था सत्ता नौशहरा गैंग का हिस्सा—ऐसे अपराधी, जिनके तार कई संगीन वारदातों और अलग-अलग आपराधिक नेटवरकों से जुड़े हुए थे।
जनवरी महीने में बी-डिवीजन इलाके में स्थित रबाब ज्वैलर्स के मालिक को एक धमकी भरी फिरौती कॉल आई। बात यहीं नहीं रुकी… कुछ ही समय बाद दुकान पर फायरिंग कर दी गई। शहर में दहशत फैलाने की कोशिश की गई।
लेकिन अपराधियों को क्या पता था कि सामने पंजाब पुलिस खड़ी है… जो अब सिर्फ़ बंदूक से नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक और इंटेलिजेंस नेटवर्क से अपराधियों की सांसें रोक देती है।
इस केस को पुलिस ने “ब्लाइंड केस” माना था, लेकिन पंजाब पुलिस की लोकेशन ट्रैकिंग और तकनीकी इनपुट्स ने अपराधियों को ज़्यादा देर छिपने नहीं दिया।
Crime
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में, एसीपी बलजिंदर सिंह और सीआईए स्टाफ की टीम ने बेहद कम समय में गिरोह की परतें खोल दीं।