
हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन को फ्री हैंड देते हुए दोटूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि प्रदेश में माफिया राज के लिए कोई जगह नहीं है। अग्निहोत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि माफिया को खत्म करने में कोई भी ढिलाई बरती गई, तो उसकी गाज सीधे अधिकारियों पर गिरेगी। उन्होंने कहा कि यदि माफिया के समर्थन में कोई भी नेता या अधिकारी कितना भी रसूखदार क्यों न हो , यदि वह पैरवी या सिफारिश करता है, तो प्रशासन उसकी बात सुनने के बजाय उसका नाम सार्वजनिक करे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि साफ-सुथरा प्रशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों को तोडऩे की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। मुकेश अग्निहोत्री ने माफिया के विभिन्न स्वरूपों पर निशाना साधते हुए पांच मुख्य प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने हिमाचल की जवानी को खोखला करने वाले ड्रग तस्करों पर सर्जिकल स्ट्राइक, भू एवं वन माफिया, देवभूमि की प्राकृतिक संपदा और जमीन पर कब्जा करने वालों को सलाखों के पीछे भेजने, अवैध खनन पर पूर्ण अंकुश लगाने और संसाधनों की कोई लूट न हो, जैसे नियमों का पालन करने की हिदायत दी। अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अब कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को सडक़ों पर उतरकर काम करना होगा।