
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के पुत्र मोजतबा ख़ामेनेई को सोमवार को देश का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया गया। ईरान के सरकारी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर इस फैसले की जानकारी साझा की है। ईरान में नेतृत्व के चयन के लिए उत्तरदायी संस्था ‘असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स’ (विशेषज्ञों की परिषद) ने उनके नाम पर मुहर लगाई। गौरतलब है कि यह परिषद 88 सदस्यीय एक शक्तिशाली धार्मिक संस्था है, जो पिछले कुछ समय से नए नेता के चयन की प्रक्रिया में जुटी थी।
परिषद के एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “युद्ध के अत्यंत गंभीर हालातों और हमारी संस्था के विरुद्ध शत्रुओं की सीधी धमकियों के बावजूद, इस्लामी व्यवस्था के नेतृत्व के चयन और उसकी घोषणा की प्रक्रिया एक पल के लिए भी नहीं रुकी।” मोजतबा का जन्म आठ सितंबर 1969 को ईरान के मशहद शहर में हुआ था। वह अपने छह भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर हैं। उन्हें लंबे समय से अपने पिता के उत्तराधिकारी और ईरानी सुरक्षा तंत्र के प्रभावशाली चेहरे के रूप में देखा जाता रहा है।
आठ सितंबर 1969 को मशहद में जन्मे मोजतबा खामेनेई, अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं। 88 सदस्यीय ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने अमरीका और इजरायल के साथ युद्ध शुरू होने के एक सप्ताह से कुछ अधिक समय बाद उन्हें इस्लामिक गणराज्य का नया सर्वोच्च नेता नामित किया है। अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद, तीन सदस्यीय एक अस्थायी नेतृत्व परिषद ने नया नेता चुने जाने तक देश का नेतृत्व किया। इस परिषद में जिसमें राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई शामिल थे।
एमएनए के अनुसार, ईरानी सेना, अधिकारियों और जनता ने खामेनेई के प्रति अपनी निष्ठा की शपथ ली है। सोमवार तड़के जारी बयानों में, ईरान के अधिकारियों और संगठनों ने नए चुने गए नेता के प्रति अपनी वफादारी की घोषणा की। ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने खामेनेई के प्रति निष्ठा जताते हुए एक बयान में पुष्टि की कि वे दुश्मनों की साजिशों के खिलाफ खड़े रहेंगे और देश की रक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
शिया धर्मगुरु खामेनेई (56) ईरानी सत्ता के गलियारों में सबसे प्रभावशाली हस्तियों में से एक हैं और उन्हें शक्तिशाली ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ ( आईआरजीसी) का करीबी माना जाता है। ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने ईरानी लोगों से नए चुने गए नेता के पीछे खड़े होने और ‘एकता बनाए रखने’ का आग्रह किया है। वहीं, अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि खामेनेई का बेटा उन्हें ‘अस्वीकार्य’ होगा। उन्होंने कहा था कि यदि नियुक्ति उनकी इच्छा के अनुसार नहीं हुई, तो ईरान का नया नेता ‘ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएगा।’