
दोआबा साहित्य एवं कला अकादमी की मासिक बैठक, जो आर्य माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल गौशाला रोड फगवाड़ा में हुई, उसमें अकादमी के अध्यक्ष डॉ. जवाहर धीर की पंजाबी के प्रसिद्ध साहित्यकार दविंद्र पटियालवी द्वारा अनुवादित बीसवीं पुस्तक ‘रिश्तियां दी महक’ का शानदार विमोचन अकादमी के संरक्षक टीडी चावला और सीनियर सिटीजन्स काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष निरवैर सिंह नंधा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर डॉ. धीर की लघु कथाओं की यह पुस्तक समाज को एक साथ कई संदेश देती है। इनकी लघुकथाएं समाज को जगाने, गलत तरीके से पैसा कमाने, रिश्तों में आ रही दरारों को हटाने तथा धार्मिक एवं सामाजिक पाखंडों से पर्दा उठाने का संदेश देती हैं। वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर दास चावला ने बधाई देते हुए कहा कि डॉ. धीर एक समर्पित साहित्यकार हैं और पिछले साल से निरंतर लिखते आ रहे हैं। डॉ. धीर ने यह पुस्तक भी पाठकों को समर्पित करके सिद्ध कर दिया है कि लेखन का श्रेय भी पाठकों को ही देना उनका दायित्व है। एनआरआई ओम प्रकाश कमल ने कहा कि छह दशक से निरंतर लिखना और बीस किताबों का प्रकाशन सिद्ध करता है कि वे एक कर्मशील व्यक्ति हैं। डॉ.यश चोपड़ा ने डॉ. धीर के लेखन की सराहना करते हुए उनके जीवन पर प्रकाश डाला। विमोचन से पूर्व प्रसिद्ध कवि हरचरण भारती, निरवैर सिंह नंधा और जतिंद्र गुप्ता ने कविताएं सुनाकर समां बांध दिया। इस अवसर पर समाजसेवी मलकीत सिंह रघवौत्रा, सुरेंद्र चोपड़ा, कुलविंद्र सिंह तथा अन्य साहित्य प्रेमी भी उपस्थित रहे।